Sunday, August 2, 2009

...क्योंकि आज दोस्तों का दिन है

आज दोस्ती का दिन है, यानी दोस्तों को यह बताने का दिन कि वे हमारे लिये कितने विशेष हैं। इस खुशनुमा दिन को यादगार बनाते हुए दुनियावालों की एक अजीज़ दोस्त और दोस्ती की मिसाल डॉक्टर भारती कश्यप ने बड़ी ही खूबसूरती के साथ ये स्लाइड शो रांचीहल्ला को भेजा है। उम्मीद है कि आपको भी यह शो पसंद आयेगा। दरअसल, दोस्ती निभानी सीखनी हो, तो कम से कम रांची में आपको डॉक्टर भारती कश्यप से ज़रूर सीख लेनी चाहिए। क्या बूढ़े, क्या बच्चे और क्या जवान, डॉ कश्यप के लिए हर एक की दोस्ती उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितनी उनकी हर दिल अज़ीज़ छवि। डॉ भारती कहती भी हैं कि आज लोगों ने दोस्ती के अर्थ को अनर्थ कर दिया है। यह रिश्ता किसी के बीच भी हो सकता है, किसी लिंग, उम्र या रंग के भेद के बिना ही। उनके इस खूबसूरत अंदाज़ को आप महसूस करेंगे इस स्लाइड शो में। लुत्फ उठाइये, क्योंकि आज दोस्तों का दिन है।

4 comments:

समयचक्र : महेन्द्र मिश्र said...

आपको भी मित्र दिवस की शुभकामना

'अदा' said...

वैसे तो मैं फ्रेंडशिप डे, mother's डे, father 's डे इन पर विश्वास नहीं करती, क्योंकि ये ऐसे रिश्ते हैं जिनको किसी एक दिन में कैद करना बेमानी है, ये दिनों में नहीं हर पल निभाए जाते हैं, फिर भी डाक्टर साहब का slide मनोरम लगा, संगीत भी जानदार, मेरी तरफ से भी दोस्ती का दिन मंगलमय हो ....बधाई....

जितेंद्र राम said...

मैडम जी को इस दोस्ती के लिए तहे दिल से शुक्रीया अदा करता हूं। ढेर सारी बधाइयां! मैडम, दोस्ती का रिश्ता नि:स्वार्थ का रिश्ता है। इस रिश्ते में कोई स्वार्थ नहीं होता। इसलिए तो कहता हूं ... रिश्ते अगर नि:स्वार्थ होते हैं तो उनकी ताजगी कभी खत्म नहीं होती, चाहे सालो साल न बात हो आैर न मुलाकात। शायद यह रिश्ता भी कुछ एसा ही है।

Vijay Kumar Sappatti said...

sir ji

hum bhi to aapke dost hai ...

jai ho hamari dosti