Sunday, January 18, 2015

आज चुप रहना कुफ्र है ! | hastakshep | हस्तक्षेप

इस्लामी आतंकवाद दूसरा कुछ भी नहीं, इस्लामी धर्म संस्थानों द्वारा बदले की भावना जगा कर, लोगों की आस्था का कायरतापूर्ण इस्तेमाल है। यह डरे लोगों की प्रतिक्रिया है। इसे संवेदनापूर्ण सख्ती से दबाना और नई दिशा में मोड़ना होगा। इस्लामी जगत की बौद्धिक जमात को साहस भी देना होगा और मौका भी कि वे मुखर हों। .... अवश्य पढ़ें एक जरूरी लेख इस लिंक पर


http://www.hastakshep.com/intervention-hastakshep/ajkal-current-affairs/2015/01/18/%E0%A4%86%E0%A4%9C-%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%AA-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%B9%E0%A5%88



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