Tuesday, March 10, 2009

चोर बनो तो रिलायंस कंपनी जैसा

अगर आपके मन में कभी यह ख्याल आये कि बहुत दिन जी लिये ईमानदारी के, अब बेईमानी में हाथ आज़माना चाहिए, तो मेरी यह स‌लाह ज़रूर याद रखियेगा; छोटा चोर हमेशा हिकारत की नज़रों स‌े देखा जाता है। बड़े चोरों को ज़माना स‌लाम करता है। ताज़ा उदाहरण हैं श्री रामलिंगम् राजू। अरे वही राजू, जो स‌त्यम और मयतास के घालमेल स‌े स‌ाढ़े स‌ात हजार करोड़ पी गया। खैर, उन्हें छोड़िये उनकी चोरी तो थोक की थी, पकड़ी गयी, आपको एक बहुत बड़े और शातिर चोर के बारे में बताता हूं। यह चोर कोई और नहीं बल्कि आपकी जेब तक पहुंच चुका है। नाम है रिलायंस टोलीकॉम। पता है, इस चोर ने अपने ग्राहकों के स‌ाथ ऎसी धोखाधड़ी शुरू की है कि किसी को यह भान भी नहीं होगा कि आखिर उसके स‌ाथ हुआ क्या और इस कंपनी ने तो अब बाकायदा डकैती शुरू कर दी है। रिलायंस स्मार्ट एक स‌ेवा है मोबाइल की। झारखंड में स‌बसे पहले इसी स्मार्ट कार्ड के ज़रिये लोगों ने मोबाइल का आनंद उठाया था। उस स‌मय तो इस चोर कंपनी ने लोगों को खूब बोवकूफ बनाया। हाई कॉल रेट, इनकमिंग के लिए मचोड़ देना इसका शगल रहा फिर धीरे-धीरे प्रतिस्पर्द्धा बढ़ी तो इस चोर कंपनी को भी अपनी कॉल दरें घटानी पड़ीं। फिर इसने कई तरह के स्कीम शुरू किये। लोगों को पांच-पांच स‌ौ रुपये रिचार्ज करवाने के बदले अपने ही नेटवर्क पर फ्री में बात कराने का प्रलोभन दिया। असंख्य लोग इस झांसे में आ गये। इस स्कीम के तहत रिचार्ज करवा कर लोगों ने जो गालियां देनी शुरू कीं, वो यहां लिखी नहीं जा स‌कतीं। असल में इस कंपनी ने किया क्या था जानते हैं आप, नहीं जानते होंगे, मैं बताता हूं। इसने उस योजना के शुरू होने के बाद स‌े ही अपनी आउटगोइंग स‌ेवा में खराबी ला दी। किसी का फोन लगने ही नहीं लगा, जिसके चलते महीना बीतता चला जाता और जो लोग योजना के तहत रिचार्ज करवाते, वे महीनों तक बातचीत करने में असमर्थ रहते। और, जब-जब इस कंपनी के किसी अधिकारी स‌े बात करने का प्रयास किया गया, तब-तब वह प्रयास भारत-पाक शांति वार्ता की तरह विफल होता गया। असल में इन लोगों ने कहीं भी ग्राहकों की बात स‌ुनने के लिए आदमी ही एप्वाइंट नहीं किया है। यह कंपनी स‌िर्फ चोरी करना जानती है, वह भी पिछले दरवाज़े स‌े। ऎसा नहीं कि यह बात नयी है। असल में आज इन स‌ब बातों को लिखने का प्रयोजन यह है कि इस कंपनी ने एक नया हथकंडा चालू किया है लोगों की जेबें काटने का, जिससे मैं अपने तमाम दोस्तों को खबरदार कर देना चाहता हूं, क्योंकि मैं फंस चुका हूं, कोई और न फंसे इसलिए यह लेख लिख रहा हूं। असल में स्मार्ट के उपभोक्ताओं स‌े बेवजह बैलेंस जीरो या माइनस 5 रुपये कर दिया जा रहा है। मैं इसका भुक्तभोगी हूं। मैंने कहीं बात नहीं किया, किसी को एसएमएस नहीं किया, किसी योजना में शामिल नहीं हुआ और मेरा बैलेंस 15 रुपये स‌े स‌ीधे माइनस‌ 4.92 रुपया हो गया है। मेरे कई दोस्तों ने भी मुझसे यह शिकायत की है कि उनके स्मार्ट का बैलेंस भी बिना वजह काट लिया गया है। कंपनी का कोई आदमी है ही नहीं जो स‌ुने ये बातें। और तो और, जब कस्टमर केयर पोर्टल में आन-लाइन शिकायत दर्ज करने की कोशिश की गयी, तो वह स‌ेवा ही रद्द कर दी गयी। इतना ही नहीं। 9835198351 के स‌हारे जब कस्टमर केयर एक्जीक्यूटिव स‌े बात करने की कोशिश की गयी, तो वहां लंबे इंतजार के बाद भी किसी ने कॉल अटेंड नहीं किया। किसी ने बाद में भी कॉल करके यह नहीं पूछा कि आखिर आपने क्यों फोन किया था, आपकी क्या परेशानी है। दोस्तों, रिलायंस के देश में करीब स‌ाढ़े छह करोड़ उपभोक्ता हैं। इनमें स‌े अगर स‌िर्फ एक करोड़ उपभोक्ताओं के मोबाइल स‌े महीने में एक बार ही स‌ही पंद्रह बीस रुपये काट लिये जाते होंगे, तो आप स‌मझते हैं कि कितना पैसा आ जाता होगा कंपनी के पास, 15-20 करोड़ स‌े नीचे की तो नहीं है यह डकैती। मैं आप स‌भी स‌े यह गुजारिश करता हूं कि आप किसी भी स्मार्ट उपभोक्ता स‌े मिलें, तो उसे तुरंत यह चेतावनी ज़रूर दें कि अभी कम स‌े कम रिचार्ज ना करवायें, वरना एकाउंट में पैसा रहेगा, तो कंपनी काट लेगी। और, इसके अलावा मेरी एक और विनती है कि आप स‌भी जहां कहीं भी हों, रिलायंस के इस षड्यंत्र के खिलाफ आवाज़ उठायें। रिलायंस के अधिकारियों को इस बात की जानकारी दें कि झारखंड में वह दिन दूर नहीं, जब इस कंपनी के नाम पर कोई मर्सिया तक पढ़ने वाला नहीं मिलेगा, क्योंकि जो कंपनी अपने उपभोक्ताओं के स‌ाथ बेईमानी कर स‌कती है, उसका व्यापार आज नहीं तो कल खत्म हो कर रहेगा।
वैधानिक चेतावनीः रिलायंस स्मार्ट के उपभोक्ता कृपया रिचार्ज ना करवायें।

6 comments:

प्रकाश बादल said...

भाई अगर आप गौर से देखेंगे तो सभी मोबाईल कम्पनियाँ चोर हैं।

प्रेम सागर सिंह said...

इन्हीं कारणों के चलते स्मार्ट का भट्ठा बैठ रहा है।

दिवाकर मिश्र said...

आपने सही बात की ओर सबका ध्यान आकर्षित किया है । वैसे मैं न तो झारखंड का वासी हूँ, और न ही रिलायंस का उपभोक्ता, परन्तु इस तरह की चालबाजी की गम्भीरता को कुछ हद तक समझ सकता हूँ । जब की गई गलती को सुधारने का कोई विकल्प ही कम्पनी न दे तो बात गम्भीर हो ही जाती है ।

रवीन्द्र प्रभात said...

सही और सार्थक चर्चा की है आपने रिलायंस के बहाने , क्या करेंगे बड़े ढोल में बड़ी पोल होती ही है....होली की हार्दिक शुभकामनाएं।

Vivek Rastogi said...

शायद रिलायंस अपने सभी उपभोक्ताओं के साथ होली खेल रही है ।

raviranjan kumar said...

bhaiya maine isliye hi smart ki service ko talak de diya hai.jo aapke sath huwa same mere sath kitni bar huwa,paresan hokar maine smart ki jagah bsnl le liya.mai to kitni bar plaza ke samne is company ka office waha bhi gaya lekinkuch nahi huwa,sirf dilasha dete rahe company ke log.majboor hokar maine chod di.