Saturday, July 11, 2009

छोटी सी उमर और बड़े काम

मोनिका गुप्ता

टेलीविजन धारावाहिक की दुनिया में छोटी बच्चियां अब महिलाओं को टक्कर दे रही है। अलग अलग किरदारों की भूमिका में बच्चियां किसी चमत्कार से कम नहीं लगती। फिर चाहे वह बाल गोपाल का रूप हो, मीरा का, बालिका वधू का, स्पेशल चाइल्ड के रूप में आपकी अंतरा का या फिर प्रोग्राम को होस्ट करने का। कोई भी किरदार जिसे ये छोटी बच्चियां निभा रही है उसके साथ पूरी तरह से न्याय कर रही है। यूं तो फिल्मी दुनियां में इन्होंने बहुत पहले ही दस्तक दे दी थी। लेकिन जिस रफ्तार से इनकी संख्या इन दिनों टेलीविजन परदे में दिखायी दे रही है वो किसी चमत्कार से कम नहीं। आज इनकी सूची इतनी लंबी हो गयी है कि हर पांच सीरियल में से तीन में छोटी बच्चियां मुख्य भूमिका निभा रही है। दस वर्षीय अविका गौड़ बालिका वधू (आनंदी) के रूप में सबसे कम उम्र की बहू बनकर, तीन साल की धृति भाटिया जय श्री कृष्णा में नटखट कान्हा बनकर, नौ साल की मीरा के रूप में आशिका भाटिया जोगन बनकर, आउटिस्म नामक बीमारी से ग्रस्त आपकी अंतरा में पांच वर्षीय जैना वस्तानी स्पेशल चाइल्ड के रूप में, लिटिल चैम्प प्रोग्राम की संचालिका अफ़शा वसानी बातूनी होस्ट के रूप में, कसौटी जिंदगी की स्नेहा के किरदार में श्रेया शर्मा और इसी तरह कई बच्चियों ने अपने सशक्त अभिनय से सीरियल जगत में धूम मचा दी है। इन नन्हें कदमों ने जितनी आहिस्ता से धारावाहिक जगत में कदम रखा उतनी ही तेजी से लोगों के दिलों पर राज भी किया। इन सभी नन्हीं बाल कलाकारों की सफलता की कई कहानियां है, जिसका सफर उन्होंने बहुत पहले तय कर लिया है। दिल्ली की रहने वाली नटखट कान्हा की धृति ने इससे पहले पांच माह की उम्र में ही जूनियर हॉर्लिक्स और इमामी पाउडर के विज्ञापन में काम किया है। अपने अभिनय के लिए उसे आइडिया आईटीए अवार्ड भी मिल चुका है। बालिका वधू की अविका (आनंदी) ने अब तक 140 चैरिटी शो में काम किया है। इससे पहले वह राजकुमार आर्यन नामक एक धारावाहिक में काम कर चुकी है। सीरियल के बाद अब फिल्मों में वह पांव जमा रही है। शाहिद कपूर और आयशा टाकिया अभिनीत फिल्म पाठशाला में अविका शूटिंग पूरी कर चुकी है। अभी वह अनुपम खेर और शर्मिला टैगोर के साथ मॉर्निंग वॉक नामक फिल्म में काम कर रही है। हिमाचल की रहने वाली कसौटी जिंदगी की श्रेया शर्मा क्या आप पांचवी पास से तेज है में बड़ो की छुट्टी कर चुकी है। से न समथिंग टू अनुपम अंकल श्रेया का पहला टीवी शो रहा है। धारावाहिकों में उत्कृष्ट भूमिका निभाने के लिए श्रेया को इंडियन टैली अवार्ड, फेवरेट चाइल्ड आर्टिस्ट अवार्ड और प्राइड ऑफ हिमाचल अवार्ड भी मिल चुका है। इसी तरह लिटिल चैम्प में संगीत प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आयी अफ़शा अब उसी प्रोग्राम की होस्ट बनकर सभी का मनोरंजन कर रही है। इन बच्चियों द्वारा निभाये जा रहे विभिन्न किरदार कहीं न कहीं इस बात को स्थापित कर रहे है कि यदि घर से ही बच्चों को सही मार्गदर्शन हो तो फिर छोटी उम्र कोई मायने नहीं रखती। अपनी छोटी सी उमर में इतनी बड़ी उपलब्धियां अर्जित कर लेना कोई खेल बात नहीं। इनकी सफलताएं यह कहने को काफी है कि अब बेटियां बोझ नहीं है। इनकी योग्यता, इनकी सफलता और इनके व्यक्तित्व का विस्तार हर माता पिता के मन में बेटियों के प्रति निश्चित रूप से पुरानी सोच को बदलने में सहायक होगा।

3 comments:

Manish Kumar said...

sahi kaha aapne ye bachche apni pratibha ke bal par badon se lokpriyta mein takkar le rahe hain.

Jagdish Singh Amrit said...

Yes, you are very much right that child power is coming to lime light with full force. In my opinion the full credit goes to the Reality shows on Television. Although these shows have many demerits then also they are helping a lot to provek the talent of children. The special thing in this direction is that these kids are not only coming in speed but also they are taking special course to educate them self. In the long term we will be seeing a lot of educated mob in every feild. Where as in the past years we didn't had this type of child education. Thanks for a informative article.

नदीम अख़्तर said...

बहुत सुन्दर लेख। बधाई। मुझे तो पता नहीं कि कौन कौन सी बच्चियां काम कर रही हैं, लेकिन घर पर जब भी टीवी चलते हुए देखता हूं, तो उनमें बच्चियां जरूर दिख जाती हैं।