Wednesday, October 23, 2013

कविता भोलेपन और मासूमियत की रक्षा के लिये तैयार एक समझदार प्रयास

किसी अच्छी कविता का इस्तेमाल कोई आंदोलन करना चाहे तो कर ले लेकिन कोई कवि कविता का उपयोग सोचकर तब तक माँग के आधार पर अच्छी कविता नहीं लिख सकता जब तक कि वह जीवन में भी उसके साथ न जुड़ा हो। इसलिये कविता को उपयोगितावादी नज़रिये से देखना उचित नहीं है।
कविता भोलेपन और मासूमियत की रक्षा के लिये तैयार एक समझदार प्रयास

1 comment:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
साझा करने के लिए आभार।