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Wednesday, October 23, 2013

आदिवासी और सामाजिक न्याय विरोधी है मोदी की राजनीति

अखिलेन्द्र ने कहा कि जिस मोदी के गुजरात माडल का देश में माहौल बनाया जा रहा है उसका मतलब कारपोरेट परस्त राज का है जिसमें किसानों और मजदूरों की बर्बादी ही होगी। मोदी की राजनीति आदिवासी और सामाजिक न्याय विरोधी भी है उनके गुजरात में एक लाख से भी ज्यादा वनाधिकार के दावे गैरकानूनी ढंग से निरस्त कर दिए गए और आदिवासी इलाके में देश में सबसे ज्यादा कुपोषण गुजरात में है, इसलिए

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आदिवासी और सामाजिक न्याय विरोधी है मोदी की राजनीति

Monday, August 9, 2010

जीभें क्या-क्या करती हैं...

आदिवासियों-दबे कुचलों की आवाज़ बुलंद करने में जीवन भर तत्पर रहे अश्विनी जी ने हमें यह कविता भेजी है। मौका है विश्व आदिवासी दिवस का। उनका आह्वान है कि संघर्ष का संकल्प ही नयी दुनिया के सृजन का एकमात्र विकल्प है। उनकी ओर से आप सभी को हूल जोहार!!


कुछ जीभें लपलपाती हैं
कुछ जीभें लार टपकाती हैं

कुछ जीभें डंस लेती हैं

कुछ जीभें
जीभ काट लेती हैं
तो कुछ जीभें
समूचे वजूद को ही
चट कर जाती हैं
पर सबसे क्रूर
वो जीभें होती हैं
जो जिंदगी भर
किसी देह पर
आबादी के एक बड़े हिस्से की
मेधा और पहचान पर
विषैले सांप की तरह
रेंगती रहती है
और आपके वजूद को
अजगर का शिकार बनाये रखती है